राजस्थान में मानसून ने कुछ ही दिनों में पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में तो ले लिया, लेकिन अब मौसम एक बार फिर करवट लेने वाला है। मौसम विभाग के ताजा अपडेट के अनुसार राज्य में आज यानी 10 जुलाई के बाद बारिश की गतिविधियां काफी कमजोर पड़ सकती हैं। अनुमान है कि अगले 7 से 10 दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को नहीं मिलेगी। इसके पीछे फिलीपींस के पास बना शक्तिशाली सुपर टायफून ‘Bavi’ बड़ी वजह माना जा रहा है, जिसने मानसूनी सिस्टम को प्रभावित किया है।
आज कुछ इलाकों में हो सकती है बारिश, फिर बढ़ेगी उमस
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि फिलहाल दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर बना निम्न दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area) धीरे-धीरे उत्तर-पूर्व दिशा की ओर बढ़ रहा है। इसी सिस्टम के प्रभाव से शुक्रवार को राजस्थान के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
भरतपुर संभाग के कुछ इलाकों में कहीं-कहीं तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। वहीं जयपुर और कोटा संभाग में हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है। इसके अलावा जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ स्थानों पर भी स्थानीय मौसम के कारण हल्की वर्षा होने के आसार हैं।
हालांकि मौसम विभाग का मानना है कि यह फिलहाल इस दौर की आखिरी प्रभावी बारिश साबित हो सकती है। इसके बाद पश्चिमी हवाओं का असर बढ़ेगा और बारिश की गतिविधियां काफी कम हो जाएंगी। ऐसे में लोगों को एक बार फिर गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है।
अगले पांच दिनों तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम विभाग द्वारा जारी पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में राजस्थान के अलग-अलग हिस्सों में मौसम का मिजाज कुछ इस प्रकार रहने की संभावना है।
10 जुलाई:
पूर्वी राजस्थान के भरतपुर और कोटा संभाग के कुछ क्षेत्रों में बारिश की संभावना बनी हुई है। पश्चिमी राजस्थान में अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क रहने का अनुमान है।
11 जुलाई:
भरतपुर और उदयपुर संभाग के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान के जोधपुर क्षेत्र में कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।
12 जुलाई से 15 जुलाई तक:
इन चार दिनों के दौरान मानसून की गतिविधियां काफी सीमित रहने की संभावना है। उदयपुर संभाग के कुछ इलाकों को छोड़ दें तो अधिकांश पूर्वी राजस्थान में मौसम सूखा रह सकता है। पश्चिमी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर संभाग में भी केवल छिटपुट बारिश के ही संकेत हैं।
आखिर क्यों कमजोर पड़ गया मानसून?
राजस्थान में अचानक बारिश कम होने के पीछे सिर्फ स्थानीय मौसम नहीं बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बना एक बड़ा सिस्टम भी जिम्मेदार माना जा रहा है।
फिलीपींस के उत्तर में प्रशांत महासागर में बना शक्तिशाली सुपर टायफून ‘Bavi’ तेजी से ताइवान और चीन की ओर बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस तूफान का प्रभाव हजारों किलोमीटर दूर बंगाल की खाड़ी तक महसूस किया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि यह सुपर टायफून समुद्र से उठने वाली नमी को अपनी ओर खींच रहा है। इसी कारण बंगाल की खाड़ी में फिलहाल नया मानसूनी सिस्टम विकसित नहीं हो पा रहा है। जब तक यह तूफान कमजोर होकर समाप्त नहीं होता, तब तक राजस्थान सहित उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून की रफ्तार धीमी बनी रह सकती है।
मानसून की शुरुआत अच्छी रही, लेकिन बारिश उम्मीद से कम
राजस्थान में इस साल मानसून ने सामान्य समय से करीब एक सप्ताह की देरी से 2 जुलाई को प्रवेश किया था। अच्छी बात यह रही कि केवल आठ दिनों के भीतर मानसून पूरे प्रदेश में फैल गया।
हालांकि पूरे राज्य में मानसून पहुंचने के बावजूद बारिश की मात्रा उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार मानसून आने से पहले प्री-मानसून के दौरान प्रदेश में 63.34 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई थी। इसके बाद मानसून सक्रिय होने पर कुल बारिश बढ़कर 110.06 मिमी पहुंची। यानी आठ दिनों में लगभग 46 मिमी अतिरिक्त बारिश दर्ज हुई।
कुल मिलाकर यह आंकड़ा सामान्य औसत से अभी भी करीब 38 प्रतिशत अधिक है, लेकिन सभी जिलों में बारिश समान रूप से नहीं हुई। कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश हुई, जबकि कुछ जिलों में अब भी लोग अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे हैं।
कई जिलों में बारिश सामान्य, कुछ जगह अब भी सूखे जैसे हालात
मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के लगभग 18 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है। करीब 18 जिलों में वर्षा सामान्य श्रेणी में बनी हुई है। वहीं 5 जिले ऐसे भी हैं जहां अब तक अपेक्षित बारिश नहीं हुई है और किसान समेत आम लोग अच्छी वर्षा का इंतजार कर रहे हैं।
अगर अगले एक सप्ताह तक मानसून कमजोर बना रहता है तो खेती-किसानी और जलस्तर पर भी इसका असर देखने को मिल सकता है। ऐसे में सभी की नजर अब अगले सक्रिय मानसूनी सिस्टम पर टिकी हुई है।
राजस्थान के प्रमुख शहरों का अधिकतम और न्यूनतम तापमान
| शहर | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान |
|---|---|---|
| अजमेर | 32.3°C | 24.0°C |
| भीलवाड़ा | 34.0°C | 26.7°C |
| वनस्थली | 34.1°C | 23.2°C |
| अलवर | 31.6°C | 23.0°C |
| जयपुर | 34.1°C | 25.7°C |
| पिलानी | 34.7°C | 25.6°C |
| सीकर | 33.6°C | 24.0°C |
| कोटा | 35.0°C | 25.2°C |
| चित्तौड़गढ़ | 35.2°C | 28.8°C |
| डबोक (उदयपुर) | 32.0°C | 23.9°C |
| बाड़मेर | 39.6°C | 29.6°C |
| जवाई डैम (पाली) | 33.0°C | 26.6°C |
| जैसलमेर | 40.4°C | 29.3°C |
| जालौर | 34.6°C | 29.4°C |
| जोधपुर | 35.3°C | 28.8°C |
| माउंट आबू | 30.6°C | 19.5°C |
| फलोदी | 32.5°C | 28.4°C |
| बीकानेर | 37.4°C | 26.6°C |
| चूरू | 39.4°C | 27.1°C |
| श्रीगंगानगर | 42.5°C | 29.4°C |
यह स्थिति फिलहाल संकेत देती है कि राजस्थान में अगले कुछ दिनों तक तेज और व्यापक बारिश की संभावना कम रहेगी। ऐसे में लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है, जबकि किसान भी नए मानसूनी सिस्टम के बनने का इंतजार करेंगे। यदि बंगाल की खाड़ी में जल्द नया सिस्टम विकसित होता है, तो मानसून फिर से सक्रिय होकर प्रदेश में अच्छी बारिश करा सकता है।