देश के कई हिस्सों में मानसून अब पूरी रफ्तार पकड़ता नजर आ रहा है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने ताजा मौसम अपडेट जारी करते हुए बताया है कि बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव (Low Pressure Area) बनने की संभावना है। इसके असर से आने वाले पांच दिनों तक कई राज्यों में तेज से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, यह सिस्टम धीरे-धीरे मजबूत होगा और इसका प्रभाव मध्य भारत से लेकर पश्चिमी और पूर्वी भारत के कई इलाकों तक देखने को मिलेगा। खासतौर पर दक्षिण गुजरात, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और पूर्वी भारत के कुछ राज्यों में मूसलाधार बारिश की संभावना जताई गई है।
वहीं, लंबे इंतजार के बाद दिल्ली-एनसीआर में भी अगले 48 घंटों के भीतर मानसून की एंट्री होने के संकेत मिल रहे हैं। इसके बाद राजधानी और आसपास के इलाकों में बारिश का सिलसिला शुरू हो सकता है।
बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र
मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में एक लो प्रेशर एरिया विकसित हो रहा है। मानसून के मौसम में ऐसे सिस्टम अक्सर भारी बारिश का कारण बनते हैं। जैसे-जैसे यह सिस्टम आगे बढ़ेगा, कई राज्यों में बादलों की गतिविधियां बढ़ेंगी और तेज बारिश देखने को मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में पहले से अच्छी बारिश हो चुकी है, वहां अगले कुछ दिनों में जलभराव और नदियों का जलस्तर बढ़ने की आशंका भी बनी रहेगी। इसलिए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
इन राज्यों में अगले 5 दिन भारी बारिश की संभावना
आईएमडी के पूर्वानुमान के मुताबिक आने वाले दिनों में कई राज्यों में बारिश का दौर लगातार जारी रह सकता है। जिन राज्यों में सबसे अधिक असर देखने को मिल सकता है, उनमें शामिल हैं—
- दक्षिण गुजरात
- मध्य महाराष्ट्र
- कोंकण और गोवा
- मध्य प्रदेश
- छत्तीसगढ़
- ओडिशा
- झारखंड
- पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्से
- विदर्भ क्षेत्र
इन इलाकों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में तेज बारिश का अनुमान
मध्य भारत में भी मानसून पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक लगातार बारिश होने का अनुमान है।
कुछ स्थानों पर इतनी तेज बारिश हो सकती है कि निचले इलाकों में पानी भरने, छोटे नदी-नालों के उफान पर आने और यातायात प्रभावित होने जैसी स्थिति बन सकती है। प्रशासन ने भी स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ा दी है।
पूर्वी भारत में भी बारिश का दौर रहेगा जारी
पूर्वी भारत के कई राज्यों में मानसून सक्रिय बना रहेगा। मौसम विभाग का कहना है कि ओडिशा, झारखंड, पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की संभावना है।
कई इलाकों में गरज के साथ तेज बारिश और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में खुले स्थानों पर जाने से बचने और खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में जल्द पहुंचेगा मानसून
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लोगों के लिए भी राहत भरी खबर है। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले दो दिनों के भीतर मानसून दिल्ली-एनसीआर में दस्तक दे सकता है।
मानसून आने के बाद तापमान में गिरावट दर्ज होने की संभावना है और उमस से भी राहत मिलेगी। साथ ही आने वाले कई दिनों तक रुक-रुक कर बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।
उत्तराखंड में भारी बारिश को लेकर अलर्ट
पहाड़ी राज्यों में भी मानसून का असर लगातार बढ़ रहा है। उत्तराखंड के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
लगातार हो रही बारिश के कारण कई नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ रहा है। पर्वतीय क्षेत्रों में भूस्खलन और सड़कें बाधित होने का खतरा भी बना हुआ है। चारधाम यात्रा मार्ग पर यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं को मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही सफर करने की सलाह दी गई है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
भारी बारिश के दौरान कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है—
- मौसम विभाग द्वारा जारी ताजा अपडेट पर नजर रखें।
- जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचें।
- बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान या पेड़ों के नीचे खड़े न हों।
- पहाड़ी क्षेत्रों की यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें।
- अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें।
- नदी, नाले और तेज बहाव वाले क्षेत्रों के पास जाने से बचें।
निष्कर्ष
देश के अधिकांश हिस्सों में मानसून अब तेजी से आगे बढ़ रहा है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा कम दबाव का क्षेत्र आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियों को और मजबूत कर सकता है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में अगले पांच दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने, मौसम से जुड़ी आधिकारिक जानकारी पर नजर रखने और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है।